प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए थाईलैंड की यात्रा पर रवाना हो गए हैं, जहां वह थाई प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह दौरा दो दिनों का होगा, जिसमें वह छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, म्यांमार और भूटान के प्रमुख नेता शामिल होंगे।
शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस और म्यांमार के सैन्य शासक मिन आंग ह्लाइंग समेत अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे। बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका की राजकीय यात्रा पर भी जाएंगे।
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शिखर सम्मेलन के बाद पीएम मोदी की श्रीलंका यात्रा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थाईलैंड और श्रीलंका की यात्रा के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरान वे थाईलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे और छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसके बाद, वे श्रीलंका की राजकीय यात्रा पर जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोर्न (जिन्हें रामा दसवें के नाम से जाना जाता है) और रानी सुथिदा से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, वे थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के साथ प्रसिद्ध वाट फो मंदिर का दौरा करेंगे, जो थाईलैंड के छह प्रमुख मंदिरों में शामिल है। यह मंदिर अपनी विशाल लेटे हुए बुद्ध की प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा, मंदिर परिसर में असंख्य बुद्ध प्रतिमाएँ भी देखने को मिलती हैं। ऐतिहासिक रूप से, यह स्थल थाईलैंड में सार्वजनिक शिक्षा का पहला केंद्र था, जहां विज्ञान, धर्म और साहित्य से जुड़े पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाते थे।
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जानें पूरा कार्यक्रम
प्रधानमंत्री शुक्रवार सुबह बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां समूह द्वारा ‘बैंकॉक विजन 2030’ को स्वीकार किए जाने की संभावना है। थाईलैंड सरकार में विदेश मामलों की स्थायी सचिव एक्सिरी पिंटारुची ने कहा कि ‘सक्रिय, लचीला और खुला बिम्सटेक’ विषय, इस क्षेत्रीय समूह की थाईलैंड की अध्यक्षता का मुख्य आकर्षण है। ‘विजन’ दस्तावेज का उद्देश्य बिम्सटेक सहयोग के लिए स्पष्ट दिशा और लक्ष्य निर्धारित करना, इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रमुख प्राथमिकताओं की पहचान करना, बिम्सटेक को शांति, स्थिरता और आर्थिक स्थिरता के क्षेत्र के रूप में बढ़ावा देना तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने को लेकर सहयोग बढ़ाना है।
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