आरोग्यताजा खबरेमहाराष्ट्र

नागपुर : चालीस दिन के बाद ठीक हुई कोरोना मरीज, एक कोरोना पॉजिटिव मरीज के साथ कुल संख्या हुई 161

कोरोना के अधिकतर मरीजों को 14 दिन बाद दो 24 घंटे में दो रिपोर्ट निगेटिव आने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाता है। शहर के अधिकतर मरीज भर्ती हाेने के 15 दिन बाद ठीक हो गए, लेकिन मेयो में भर्ती खामला की 16 और जरीपटका की 12 वर्षीय मरीज के रिपोर्ट बार-बार निगेटिव आने के कारण उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ा। मंगलवार को आखिर खामला की मरीज को दो रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। ठीक हाेने के बावजूद उसके साथ रह रहे पिता भी उसके साथ घर रवाना हो गए।

इसके साथ ही मेडिकल दो मरीज डिस्चर्ज किए गए हैं। ठीक होने के बाद मां बनीं सतरंजीपुरा की मरीज को बच्चे व पति के साथ अस्पताल से छुट़्टी मिल गई है। मंगलवार को एक रिपोर्ट पॉजिटिव आने के कारण नागपुर में मरीजों की संख्या 161 हो गई है। पॉजिटिव रिपोर्ट सतरंजीपुरा की 47 वर्षीय महिला की है।

40 दिन के बाद अस्पताल से पहुंचे घर

मंगलवार को मेयो से दो कोरोना मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इनमें खामला सिंधी कालोनी की 16 वर्षीय युवती और उसके पिता(47) शामिल हैं। युवती 27 मार्च को और पिता 26 मार्च को मेयो में भर्ती हुए थे। पिता की रिपोर्ट 11 अप्रैल को पॉजिटिव आ गई थी और अस्पताल से घर जाने की अनुमति मिल गई थी। लेकिन उन्होंने बेटी के साथ अस्पताल में रुकने का फैसला किया। मंगलवार को बेटी के डिस्चार्ज होने पर दोनों साथ ही घर लौटे।

लोगों को ठीक होकर घर जाते देख उदास हो जाती

मैं पिछले 40 दिन से अस्पताल में थी। मेरे साथ पापा, अंकल और उनकी बेटी भी थी। पापा और अंकल की रिपोर्ट 11 अप्रैल को ही निगेटिव आ गई थी। उन्होंने हमारे साथ अस्पताल में ही रुकने का फैसला किया। हर बार जब लोग डिस्चार्ज होकर घर जाते हम उदास हो जाते थे। मम्मी और घर वालों की याद सताती थी पर पापा के कारण हौसला बना रहता। पिछले सप्ताह 29 अप्रैल को अंकल और उनकी बेटी भी चली गई तो मुझे बहुत दुख हुआ। लगा छोटी होने के बावजूद वह पहले ठीक हो गई।

14 दिन होने के बाद हर दो दिन बाद सैंपल लिये जाते। कई बार पहली रिपोर्ट निगेटिव आता तो उम्मीद बंध जाती पर दूसरी रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती। 4 और 5 मई को आठवे और नवें सैंपल के निगेटिव आने पर मुझे डिस्चार्ज किए जाने का निर्णय लिया गया। अस्पताल के डॉक्टर, नर्स समेत सभी कर्मचारियों ने मुझे शुभकामनाएं देकर विदा किया है। मैं उन लोगों को तहे दिल से धन्यवाद देना चाहती हूं और लोगों को घर में रहने और सुरक्षित रहने की अपील करती हूं।

तीन दिन के शिशु और उसके माता-पिता डिस्चार्

मेडिकल के कोविड हॉस्पीटल में रविवार को जन्मे शिशु उसकी मां और पिता को मंगलवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। हालांकि कि नवजात की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सतरंजीपुरा की महिला 18 अप्रैल मेडिकल में भर्ती हुई थी। उसकी रिपोर्ट 30 अप्रैल और एक मई को निगेटिव आ चुकी है। शनिवार रात 2 बजकर 20 मिनट पर उसने बेटे काे जन्म दिया है। इसके साथ ही नवजात के पिता (33) को भी डिस्चार्ज किया गया है। ठीक होकर घर जा रहे मरीजों को मेडिकल की टीम ने शुभकामनाओं के साथ विदाई दी। टीम में जीएमसी के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ अविनाश गावंडे,  डॉ कंचन वाघमारे, डॉ मनीष ठाकरे, डॉ जयेश मुकी, स्त्री रोग व प्रसुति विभाग के प्रमुख डॉ वायकर, आर्थोपेडिक विभाग के प्रमुख डॉ फैजल, डॉ तिरपुड़े, डॉ ऋतुजा फुके, डॉ शुभांगिनी, डॉ स्मृति गायधने, डॉ गिरीश भोयर, डॉ श्रीकांत और सुरेखा टेटेवार शामिल थे।

शहडोल का मरीज भी डिस्चार्ज

21 अप्रैल को मेयाे में भर्ती शहडोल (मप्र) का मरीज भी मंगलवार को डिस्चार्ज हो गया। 57 वर्षीय मरीज को मोमिनपुरा से एमएलए हॉस्टल में क्वारंटाइन किया गया था और रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मेयो में भर्ती कराया गया था। मेयो के डेप्युटी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ सागर पांडे ने बताया कि जिलाधिकारी रवींद्र ठाकरे ने मरीज को मेयो से सीधे शहडोल जाने की अनुमति दे दी है।

Share With Your Friends If you Loved it!
  •  
  •  
  •  
  •